'पंजाब का IAS अधिकारी ही हो FCI पंजाब का GM'; CM भगवंत मान ने अमित शाह को लिखा पत्र; व्यक्तिगत दखल देने की मांग
CM Bhagwant Mann letter to Amit Shah over FCI Punjab GM Appointment
FCI Punjab GM Appointment: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, पंजाब (मुख्यालय चंडीगढ़) के महाप्रबंधक (GM) की नियुक्ति का मुद्दा उठाया है। सीएम मान ने पत्र में कहा है कि इस महत्वपूर्ण पद के लिए पंजाब कैडर से बाहर के आईएएस अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जो कि स्थापित परंपरा के विरुद्ध है। क्योंकि यह पद शुरू से पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी द्वारा ही संभाला जाता रहा है।
सीएम मान ने गृह मंत्री से अपील की है कि पंजाब कैडर के IAS अधिकारी को ही हो FCI पंजाब का GM नियुक्त किया जाए। जिससे खाद्य प्रणाली का सुचारू संचालन हो सके और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। क्योंकि पंजाब में एफसीआई का कार्य राज्य की कृषि व्यवस्था और खाद्य खरीद प्रणाली से गहराई से जुड़ा हुआ है। जिसमें पंजाब कैडर के अधिकारी ही राज्य के भंडारण और खरीद प्रणाली को लेकर बेहतर समझ रखते हैं। इस संवेदनशील प्रणाली में किसी भी प्रकार की बाधा या अक्षमता के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
सीएम मान ने पत्र में कहा है कि पंजाब में खाद्य खरीद प्रणाली पूरे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिसमें राज्य सरकार और केंद्र की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए FCI पंजाब का GM पद पंजाब के आईएएस अधिकारी के पास होना ही आवश्यक है। सीएम ने कहा है कि दूसरे राज्य या कैडर के अधिकारी की तैनाती से समन्वय और पारदर्शिता पर असर पड़ता है।
पंजाब सरकार ने 2 बार पैनल भेजा था लेकिन...
सीएम ने पत्र में कहा है कि FCI पंजाब GM पद के लिए पंजाब सरकार की तरफ से आईएएस अधिकारियों का 2 बार पैनल भेजे जाने के बाद भी पैनल को मंजूरी नहीं दी गई। सीएम ने लिखा कि पंजाब कैडर के उपयुक्त आईएएस अधिकारियों का एक पैनल विचारार्थ केंद्र सरकार को भेजा गया था। पहले पैनल को स्वीकृत नहीं किया गया, जिसके बाद संशोधित पैनल भेजा गया। किंतु अब हमें अनौपचारिक रूप से ज्ञात हुआ है कि सिविल सर्विस बोर्ड ने इस पैनल को स्वीकृति नहीं दी और इसके स्थान पर किसी अन्य कैडर के आईएएस अधिकारी के नाम को इस महत्वपूर्ण पद के लिए मंजूरी दी है।
खाद्य मंत्री से भी अनुरोध किया गया
पंजाब सीएम ने इस संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री से भी अनुरोध किए जाने की बात कही है और साथ ही कहा है कि इसके बावजूद कोई गौर नहीं किया गया। सीएम ने लिखा कि मैंने उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के माननीय मंत्री को अपने अर्द्ध- सरकारी पत्र में पहले ही यह चिंता व्यक्त की थी और अनुरोध किया था कि लंबे समय से चली आ रही इस परंपरा को बनाए रखा जाए परंतु, मेरी भारत सरकार से विनती के बावजूद, पंजाब से बाहर के आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अमित शाह से व्यक्तिगत दखल देने की मांग
सीएम मान ने पत्र में गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत दखल देने की मांग की है। सीएम ने अमित शाह कि लिखा कि मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि आप इसमें व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर और यह आदेश दें कि ऐसे अधिकारी को, जिसे पंजाब में पर्याप्त फील्ड अनुभव हो, उसे एफसीआई में नियुक्त जाए, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत पैनल में प्रस्तावित है। यह न केवल स्थापित परंपरा और कार्यकुशलता को बनाए रखेगा, बल्कि केंद्र सरकार के निर्णयों की निष्पक्षता और संवेदनशीलता के प्रति पंजाब के लोगों के विश्वास को भी सुदृढ़ करेगा।
बता दें कि FCI पंजाब GM के संबंध में पत्र लिखने के साथ ही सीएम मान ने पंजाब को लेकर केंद्र सरकार के हालिया फैसलों पर भी टिप्पणी की है। सीएम ने लिखा कि मुझे गहरी चिंता के साथ यह कहना पड़ रहा है कि हाल के समय में केंद्र सरकार के कुछ निर्णयों ने पंजाब के लोगों के मन में अविश्वास की भावना उत्पन्न की है। बार-बार ऐसे प्रयास किए गए, जो हमारे संघीय ढांचे के अनुरूप नहीं हैं। बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप, बीबीएमबी में मानव संसाधन संबंधी मुद्दे, पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट में दखल, बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए धान को समय पर छूट न देना, इत्यादि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें टाला जा सकता था।
सीएम ने कहा कि ये घटनाएँ, विशेषकर किसान आंदोलन के बाद की जनभावनाओं की पृष्ठभूमि में, भले ही प्रशासनिक प्रकृति की हों और राष्ट्रीय स्तर पर मामूली प्रतीत होती हों, परंतु पंजाब के लोगों द्वारा इन्हें राज्य की स्वायत्तता और उसके अधिकारों को कम करने के रूप में देखा गया है। एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य के रूप में, जिसने ऐतिहासिक रूप से राष्ट्र की सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा दोनों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, यह अत्यंत आवश्यक है कि राष्ट्रीय निर्णयों की निष्पक्षता और समावेशिता में लोगों का विश्वास मज़बूत हो, न कि कमज़ोर।
वहीं सीएम ने कहा कि पंजाब सदैव राष्ट्र की दाहिनी भुजा के रूप में खड़ा रहा है, जिसने भारत की सीमाओं की रक्षा की है तथा राष्ट्रीय एकता, शक्ति और खाद्य सुरक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पंजाब के लोगों ने हर बार अदम्य साहस और देशभक्ति का परिचय दिया है, चाहे वह युद्ध हो, उग्रवाद रोधी अभियान हों या राष्ट्रीय आपातकाल। हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में भी पंजाब के लोगों और सुरक्षा बलों ने राष्ट्रसेवा में एक बार फिर दृढ़ता से अपना योगदान दिया है।
